सिंगरौली संवाददाता सूरज सिंह
मनरेगा में लूट की मची छूट सरपंच सचिव रोजगार सेवक लगा रहे हैं मजदूरों की फर्जी हाजिरी जिम्मेदारों के आंखो के सामने किया जा रहा है भ्रष्टाचार*
सिंगरौली जिले में इन दीनों ग्राम पंचायतो में फर्जीवाड़ी की बाढ़ आ गई है हर दिन कोई न कोई नया मामला देखने को मिलता है वही आपको बता दें
खबर चितरंगी जनपद पंचायत के बड़रम ग्राम पंचायत अंतर्गत मनरेगा में लूट को मिली छूट सरपंच सचिव रोजगार सहायक लगा रहें मजदूरों की फर्जी हाजिरी
बड़रम पंचायत में लाल विहारी के घर के पास तालाब निर्माण कार्य कागजो में चल रहा है जहा NMMS पोर्टल पर 61 लेवरो का फर्जी हाजिरी लगा रहा है।
और कार्य व लेवर का फोटो अपलोड करना चाहिए तो खर पतवार का फोटो अपलोड कर रहें ?
सरकार के खजानो में से कई लाखो रुपए का डांका डाल रहे हैं सरपंच सचिव रोजगार सहायक वहीं बिभागिय अधिकारियों के आंखों में धूल झोक कर रहे मनमानी
ऐसे में आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं कि शासकीय धन का किस तरह से दुरूपयोग किया जा रहा है, आखिर किस के इशारे पर इतना बड़ा भ्रष्टाचार किया जा रहा है जबकि केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार मुक्त करने की दावा करती है ग्राम पंचायत बड़रम सहित अधिकतर ग्राम पंचायतों में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा अगर जमीनी स्तर पर इसकी पड़ताल कर ली जाए तो भ्रष्टाचार की कलाई परतदार परत खुलकर सामने आने लगेगी जो लोग गांव में कभी कार्यस्थल पर नहीं जाते उनके नाम पर भी हाजिरी लगा दी जाती है ग्राम पंचायत में नियुक्त रोजगार सेवक द्वारा फर्जी हाजिरी लगा दिया जाता है तकनीकी सहायक द्वारा फर्जी एम. बी .कर दिया जाता है और मजदूरों के खाते में पैसा भिजवाकर निकलवा लिया जाता है और उनको 200 से 300 रूपये पकड़ा दिया जाता है सबसे बड़ी बात यह है कि फर्जी मनरेगा योजना में हो रहे कार्य स्थल पर शुरू होने और समाप्त होने व परियोजना पर ब्यय किये गए धन की कहीं कोई साइन बोर्ड नहीं लगा है जिससे यहां नहीं पता हो पता कि इस परियोजना पर कितने दिन, कितने श्रमिको को कितना रुपया का भुगतान हुआ इस योजना में सरकारी धन का खूब बंदर बांट हो रहा है
मनरेगा योजना में हो रहे भ्रष्टाचार के जिम्मेदार इसमें रोजगार सेवक की जिम्मेदारी होती है कि वह एन.एम.एम एस. द्वारा फर्जी हाजिरी लगाते हैं उसके बाद तकनीकी सहायक की जिम्मेदारी होती है कि वह फर्जी एम. बी .कर देते हैं और प्रधान व सचिव की जिम्मेदारी भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होती है पैसा स्वीकृत होकर श्रमिकों के खाते में पहुंच जाता है
मनरेगा योजना में घोटाले बाजों की जड़े हैं बहुत गहरी व मजबूत मनरेगा योजना में घोटाले बाजों की जड़े इतनी मजबूत है कि किसी भी ग्रामीण में इतनी हिम्मत नहीं होती की खुलकर इसका विरोध कर सके अगर किसी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई तो उसकी हर तरह से इतना प्रताड़ित व पीड़ित कर दिया जाता है कि वह थक हार कर घर पर बैठ जाता
👉यक्ष प्रश्न भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह खोखला कर रहा है.देश की जन्ता के पैसों पर अपनी शौक पूरा करने वाले काले बिषधर की तरह उस धन पर कुण्डली मारकर बैठने वाले जो भ्रष्टाचार की भट्टी पर अपनी- अपनी रोटियां सेंक रहे हैं वो सभी सलाखों के पीछे कब जायेंगे





