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कांग्रेस सरकार में इमरजेंसी में उखड़ी रेलवे लाईन की सुविधा मोदी सरकार में मिलने की जगी लोगो को उम्मीद : NN81

 कांग्रेस सरकार में इमरजेंसी में उखड़ी रेलवे लाईन की सुविधा मोदी सरकार में मिलने की जगी लोगो को उम्मीद

आगर मालवा/(नज़ीर अहमद द्वारा) 


भाजपा सांसद एवं प्रसिद्ध फ़िल्म एक्ट्रेस कंगना रेनोट की फ़िल्म इमरजेंसी को प्रदर्शन की अनुमति मिल गयी है। इसी के साथ इमरजेंसी में कांग्रेस की इंदिरा सरकार में आगर जिले से छीनी रेलवे लाईन की सुविधा को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में अनुमति मिलने की उम्मीद आगर जिले वासियों को जगी है। स्मरण रहे कि वर्ष 2018-19 में जिले के सुसनेर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता विष्णु भावसार ने उक्त रेलवे लाईन की स्वीकृति के लिए पूरे आगर जिले में अभियान चलाकर 5 हज़ार मांग पत्र उज्जैन रामगंजमंडी एवं शामगढ़ हरदा रेलवे लाईन की स्वीकृति के लिए चलाकर पूरे जिले से वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के पूर्व 5 हज़ार मांग पत्र पूरे जिले से प्रधानमंत्री कार्यालय डाक से भिजवाए थे। जिस पर अभी 2022-23 विधानसभा चुनाव में गृहमंत्री अमित शाह ने शाजापुर में चुनावी सभा को सम्बोधित कर उज्जैन रामगंजमंडी रेलवे लाईन के सर्वे की धोषणा की थी। वही तकालीन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी शाजापुर की चुनावी सभा मे शामगढ़ हरदा रेलवे लाईन की 42 साल पुरानी फ़ाइल खोलने की धोषणा की थी। इसी तारतम्य में अब पश्चिम मध्य रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। बता दें कि रेलवे महाकांल की नगरी उज्जैन से झालावाड़ के लिए सीधी रेल सेवा शुरु करने की योजना बना रहा है। इसमें एक नहीं बल्कि तीन योजनाएं है। इन योजनाओं को समझाने के लिए पिंक, ब्लू और रेड नाम रखा गया है।

इन तीनों योजना में उज्जैन से आगर तक का रूट अलग-अलग है। पिंक योजना 2836 करोड़ रुपये की, ब्लू योजना 2727 करोड़ रुपये की और रेड योजना 2697 करोड़ रुपये की है। हालांकि अब मंत्रालय को जो योजना पसंद आएगी उस पर ही काम पूरा किया जाएगा।

*मिल चुकी है मंजूरी*

जानकारी के लिए बता दें कि इसी साल फरवरी में केंद्रीय रेल मंत्री ने विस्तृत कार्य योजना बनाने को 4 करोड़ 75 लाख रुपये की मंजूरी दी थी। उज्जैन से झालावाड़ तक का सफर आगर, सुसनेर, सोयतकलां, रायपुर होकर गुजरेगा। इस लाइन को पूरा करने के लिए रेलवे ने प्राथमिक स्तर पर तीन योजना बनाई है। जिसे 10 दिन पहले 5 अक्टूबर को सांसद अनिल फिरोजिया के समक्ष भी किया जा चुका है। अब इस योजना को अंतिम रूप देना बाकी है।अलग-अलग रहेगा रूट

पिंक योजना : उज्जैन से सुरासा, खेड़ावदा, पिपलोनकलां, आगर।

ब्लू योजना : उज्जैन से उज्जैनिया, ढाबलाखुर्द, आगर।

रेड योजना : उज्जैन से जगोटी, पिपलोनकलां, आगर।

जानिए क्या है स्थिति

पिंक योजना 189.100 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने की है, जिसमें 38 कर्व, 64 पुल बनाना प्रस्तावित है।

ब्लू योजना 181.80 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने की है, जिसमें 37 कर्व और 45 पुल बनाना प्रस्तावित है।

रेड योजना 177.860 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने की है, जिसमें 36 कर्व और 34 पुल बनाना प्रस्तावित है।

तीनों योजना अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने को ध्यान में रखकर बनाई है।


*उज्जैन आगर रेल लाइन एक नजर में*



पहली बार इस पर ग्वालियर स्टेट रेलवे के द्वारा 15 मार्च 1932 को नैरो गेज की ट्रेन का संचालन किया गया । जिसे 1975 में बंद कर दिया गया था और बाद में खुर्द बुर्द कर दिया गया ।

जनता में धीरे धीरे इसे पुनः शुरू करने की मांग उठी तब पहला सर्वे 1998 में हुआ जो नकारात्मक रहा और ठंडे बस्ते में चला गया ।

पुनः 2007-08 में सर्वे हुआ जिसका भी परिणाम नकारात्मक ही रहा जिसके कारण फिर से ठंडे बस्ते में चली गई 

एक बार फिर इसका प्रस्ताव तैयार हुआ और इसका विस्तार झालावाड़, रामगंजमंडी तक करने का खाका खींचा । पर 2015-16 में संपन्न हुए सर्वे में 190 किलोमीटर रूट के लिए 2100 करोड़ की लागत आंकी गई और नकारात्मक ही रहने के कारण इसे पुनः ठंडे बस्ते में डाल दिया ।

समय समय पर जन जागरण मंच, रेल लाओ समिति आदि संगठनों के नेतृत्व में रेल विहीन क्षेत्र की जनता द्वारा आंदोलन किए गए, पोस्ट कार्ड अभियान चलाए गए । जिसके फलस्वरूप, नवोदित मुख्यमंत्री ने पद ग्रहण करते ही इस रेल लाइन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया और इसे अप्रूवल दिलवा कर फाइनल लोकेशन सर्वे के लिए स्वीकृति दिलवाई ।

*सर्वे पूरा हो गया*

अब यह सर्वे पूर्ण हो गया है और इस माह की शुरुआत में क्षेत्रीय सांसद  अनिल  फिरोजिया के सामने रिपोर्ट प्रस्तुत भी की जा चुकी है जो इस प्रकार है ।


उज्जैन से आगर, झालावाड़ 3 प्रस्तावित मार्ग है ।

1. वाया सुरसा, पीपलोन 189 किमी 2836 करोड़

2. वाया उज्जैनिया, ढाबला 182 किमी 2727 करोड़

3. वाया जगोटी, पीपलोन 178 किमी 2697 करोड़


अब गेंद कैबिनेट के पाले में हैं, अगर त्वरित रूप से कार्यवाही करे और युद्धस्तर पर निर्माण की तैयारी करे तो 2028 में होने वाले सिंहस्थ से पहले यह वैकल्पिक मार्ग तैयार हो जाएगा ।


चित्र 1 : आगर जिले से इमरजेंसी में छीनी रेल सुविधा का इंजन उज्जैन रेलवे स्टेशन पर आज भी खड़ा है।

चित्र 2  : अब मिलेगी आगर, सुसनेर, सोयतकलां के लोगो को रेल की सुविधा।

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