साइबर थाना पुलिस ने निवेश के नाम पर करीब 26 लाख 98 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी देवांश शर्मा है, जो वर्तमान में एक हत्या के मामले में न्यायिक हिरासत में चल रहा है। इस प्रकरण में पुलिस पूर्व में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भिजवा चुकी है।
जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा (आईपीएस) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमंत नोगिया के मार्गदर्शन में साइबर थाना प्रभारी रामशरण के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार 13 अप्रैल 2026 को भीलवाड़ा निवासी एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसे स्वयं को सेबी रजिस्टर्ड कोटक सिक्योरिटीज प्राइवेट मार्केट ट्रेडिंग से जुड़ा बताने वाले लोगों ने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर आईपीओ और शेयर ट्रेडिंग में निवेश का लालच दिया। आरोपियों ने NEO KOTMAT APP और KOTPRO APP नामक फर्जी एप के माध्यम से निवेश करवाते हुए 25 फरवरी से 30 मार्च 2026 के बीच प्रार्थी एवं उसके परिवार के बैंक खातों से कुल 26.98 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
बाद में आरोपियों ने बिना सहमति EMIAC Technologies Ltd. के शेयर आवंटित दिखाकर अतिरिक्त राशि की मांग की। खुद के साथ धोखाधड़ी होने का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों की पड़ताल में सामने आया कि आरोपी टेलीग्राम एप के माध्यम से साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए बैंक खातों की खरीद-फरोख्त में शामिल था। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी देवांश शर्मा को गिरफ्तार किया।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम में साइबर थाना प्रभारी रामशरण, कांस्टेबल बाबूलाल तथा कांस्टेबल प्रभुराम की विशेष भूमिका रही। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
