संवाददाता- अजय शर्मा (मन्दसौर)
मन्दसौर- आज रविवार की सुबह फिर ये नयागांव लेबड हाइवे दलौदा के निकट 2 मासूम निर्दोष जिंदगियां लील गया।आखिर इस रोड की खामियां कब तक जिंदगियां लीलकर परिवारों में संकट पैदा करती रहेगीकब तक प्रशासन और जनप्रतिनिधि मौन रहेंगे?फोरलेन बने इतने वर्ष बीतने के बाद भी दलौदा मंदसौर के बीच फतेहगढ़ के निकट छोटी पुलिया आज भी संकरी है जिसमें लगभग हर माह ,दो माह में हादसे होते है।फोरलेन से बाइक लेने गायब है।एक तरह नियमों का हवाला देकर स्पीडब्रेकर नहीं बनने दिया जा रहा है तो दूसरी तरह क्या नियम के अनुसार इस फोरलेन पर बाइक लेन बनी है?क्या रोड के मध्य डिवाइडर की चौड़ाई मानक के अनुरूप बनी हुई है?क्या नियम के अनुसार दलौदा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र से ऐसी हाइवे निकलने का प्रावधान है?रोड पर इतने गड्ढे होने के बावजूद टोल वसूला जाना सही है?दलौदा नगर में भी लगातार ट्रैफिक के समस्या बढ़ती जा रही है ऐसे में आधा दर्जन स्कूल के बच्चों, कॉलेज के छात्र छात्राओं, मंडी में आते किसानों पर भी संकट मंडरा रहा है।नगर में मध्य में रोड क्रॉस करना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है क्योंकि वाहनों की गति अनियंत्रित है तथा रोड पर स्पीड ब्रेकर गायब है और रोड क्रॉस करने हेतु डिवाइडर की चौड़ाई कम है।अब ऐसे में जनप्रतिनिधि,पत्रकारों,समाजसेवियों एवं राजनैतिक दलों के उन नेताओं का किरदार है जो अपने को समाज के पुरोधा समझते है क्या वे इसी समाज की इस बड़ी समस्या हेतु कुछ कदम ओर अपनी आवाज उठाते है अथवा इसी तरह हादसे होते रहते देखना चाहते है

